हर विषय का अटेंडेंस कैलकुलेटर
हर विषय की अटेंडेंस अलग निकलती है, जबकि कुल अटेंडेंस सभी क्लास को जोड़ती है। अपने विषय जोड़कर वह कमी देखें जो अच्छा कुल प्रतिशत छिपा सकता है।
हर विषय और कुल अटेंडेंस में अंतर
हर पंक्ति में अटेंड की गई क्लास ÷ हुई क्लास × 100 निकाला जाता है। कुल अटेंडेंस पहले सभी अटेंड की गई और सभी हुई क्लास जोड़ती है। विषयों की क्लास अलग-अलग हों तो प्रतिशत का साधारण औसत न लें।
उदाहरण में गणित 26/30 = 86.66% है और 4 क्लास छोड़ी जा सकती हैं। भौतिक विज्ञान 21/30 = 70% है और 27/36 = 75% तक पहुँचने के लिए लगातार 6 क्लास चाहिए। रसायन विज्ञान 22/24 = 91.66% है और 5 क्लास छोड़ी जा सकती हैं।
कुल नतीजा 69/84 = 82.14% है। यह 75% लक्ष्य पूरा करता है, लेकिन भौतिक विज्ञान अभी नीचे है, इसलिए कैलकुलेटर चेतावनी दिखाता है।
टेबल का उपयोग कैसे करें
- हर विषय या अलग आँके जाने वाले हिस्से के लिए एक पंक्ति जोड़ें।
- छूटी हुई क्लास समेत हुई सभी क्लास डालें।
- सिर्फ़ अटेंड की गई क्लास डालें।
- अपने संस्थान का मौजूदा लक्ष्य उपयोग करें।
- क्लास रद्द होने, अतिरिक्त क्लास या सुधार के बाद आँकड़े अपडेट करें।
अगर आपका संस्थान अटेंडेंस घंटे या पीरियड में गिनता है, तो वे इकाइयाँ भी इस्तेमाल कर सकते हैं; हर पंक्ति में एक जैसी इकाई रखें।
आम सवाल
हर विषय की अटेंडेंस क्या है?
यह हर विषय के लिए अलग प्रतिशत है, जो अटेंड की गई क्लास को हुई क्लास से भाग देकर निकलता है।
कुल प्रतिशत ठीक है फिर भी एक विषय कम क्यों है?
कुल अटेंडेंस सभी क्लास जोड़ती है। दूसरे विषयों की अच्छी अटेंडेंस कुल को बढ़ा सकती है, लेकिन कम विषय का अपना प्रतिशत नहीं बढ़ाती।
क्या लैब को अलग रखना चाहिए?
अगर कॉलेज लैब के लिए अलग अटेंडेंस नियम या रिकॉर्ड रखता है, तो उसे अलग विषय की तरह जोड़ें।